गलती

​गलतियों से जुदा,
वो भी नहीं हम भी नहीं।

दोनों इंसान हैं,
खुदा वो भी नहीं हम भी नहीं।

वो हमें और हम उसे,इल्ज़ाम देते हैं मगर,
अपने भीतर झाँकते,वो भी नहीं हम भी नहीं।

​गलतफहमियों ने कर दी, दोनों में पैदा दूरियाँ,
वरना फितरत के बुरे, वो भी नहीं हम भी नहीं​।

​इस घूमती ज़िंदगी में, दोनों का सफर जारी रहा,
एक लमहें को रुके, वो भी नहीं हम भी नहीं।

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