नारी सुरक्षा

​आज हमारे देश में महिलाओ की सुरक्षा एक गंभीर विषय बनी हुई है महिलाए अपने घरो से बाहर निकलने में भी डरती हैं और जो किसी कारणवश मजबूरी मैं घरो से बाहर निकलती हैं वो अपनी सुरक्षा को लेकर भारी चिंता से ग्रसित रहती हैं क्या हमारा ये वही देश है जहाँ पर नारियों को पूजा जाता था ? ये प्रश्न विचारणीय है

ये सब सोचकर मन भारी चिंता से भरा जाता है और ये श्लोक याद आता है 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः'

क्या हमारे देश में अब देवताओं का वास नही है ? अगर नही तो इसका कारण कौन है ?

आए दिंन महिलाओ के साथ दुराचार , उत्पीड़न आदि की ख़बरें सुनने को मिलती है क्या हमारी मानसिकता इतनी दूषित हो गयी है की जो देश अपने गुणो के कारण पूरे विश्व में विख्यात था वहीं पर महिलाए अब सुरक्षित नही रह गयी है हमारे समाज में नारियों को अभी तक वो दर्जा नाही प्राप्त है जिसकी बातें बड़ी बड़ी किताबों में लिखी गयी हैं आखिर क्यूँ इनके अधिकारों को छीना जाता है ?

हमारे द्देश में बहुत सी ऐसी महिलाए हुई हैं जिन्होने देश की गरिमा , मान ,और सम्मान को बढ़ाया है फिर भी इनकी ये दशा होना विचारणीय है नारी को जननी माता पुण्यशीता गृहशोभा गृहलक्ष्मी क्या सिर्फ वेद पुरान और ग्रंथो में ही माना गया है ?

नारी वो है जो इस संसार को गतिशील रखती है कोई भी हो उसे इस दुनिया में लाने का गौरवपूर्ण कार्य नारी है करती है और अपनी जननी के तुल्य उसी नारी पर हम अत्याचार करते हैं ये अपराध क्षमायोग्य नही है?
आज हमें चाहिए की हम सभी ये संकल्प ले की सदैव नारी की रक्षा करेंगे जब तक हम खुद को नियंत्रित नही करेंगे तब तक ये कुकृत्य होता रहेगा?

सरकार द्वारा कानून बनाने से ये समस्या हल नही होगी जब तक हम अपनी दूषित मानसिकता को बरकरार रखेंगे क्यूँकि जब हम नारी जाति का सम्मान करेंगे तो कोई भी दूसरा व्यक्ति उसकी तरफ आँख उठाने से भी डरेगा और नारी को अपने अधिकारो को उपयोग करने की पूर्ण स्वतंत्रता मिलेगी तथा वो निर्भय रहेगी……

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